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मंगलवार, 16 नवंबर 2010

क्या मछलियाँ भी सूँघ सकती है? Can fish smell?

जैसे हम गंध को नाक से सूंघ लेते है क्या मछलियाँ भी सूँघ सकती है?
ये प्रश्न अक्सर सोचने पर मजबूर कर देता होगा मछलियाँ तो पानी के अंदर रहती है और गिल्ज़(गल्फडो) से सांस लेती है और पानी में तो हवा भी नहीं चल रही होती फिर मछलियाँ पानी के भीतर गंध का अनुभव कैसे कर लेती होंगी?
इस प्रश्न जानने के लिए पहले ये जानना जरूरी है कि मछली की शारीरिक बनावट कैसी होती है और क्या उस की नाक भी होती है?
nostrils-1
 nostrils मछली के नथुने होते है  मछली की नाक ऊपर सिर पर दो  खुलने वाले नथुने से बनी है प्रत्येक नथुने में छिद्र होते है दो जोड़ी नथुने के बीच में एक फ्लैप होता है जो इन छिद्रों को अलग अलग करता है वैसे अलग अलग प्रजाति की अलग अलग बनावट होती है यानी अंतर,नाक के भीतर अनगिनत कोशिकाएं होती है पानी एक नथुने से भीतर जाता है और इन कोशिकाओं को छूता है इन कोशिकाओं के संवेदी रिसेप्टर्स गंध को पहचान कर मस्तिष्क को सूचना प्रदान करते है|
यहाँ एक बात काबिले गौर है कि मछली के नथुने यानी नाक उसके श्वशन तन्त्र Respiratory System के हिस्से नहीं है|मछली का श्वशन तन्त्र  भी जटिल व्यवस्था है चलो जान ही लेते है ये भी
fish_system  पानी मुख से अंदर जाता है और गिल्ज़ से होता हुआ बाहर आ जाता है gills_2     
गिल्ज़ में पानी में घुलनशील आक्सीजन पतली झीळली वाली रक्त नलिकाओं में से रक्त के साथ जा मिलती है और ह्रदय की कार्य प्रणाली से सारे शरीर में पहुँच जाता है |                                             gills  
मछलियों को सूघने के लाभ:  
1- इनको भोजन की तलाश में मदद मिलती है|
2- इस से इनको खतरे भापने में मदद मिलती है |
3- इनको अपने आश्रय या कह लो घर तक पहुचने में मदद मिलती है |
4- ये इस गुण से दो पानियों का अंतर तक पहचान जाती है |
5- खतरे की चेतावनी देने के काम भी आता है यह गुण|
नोट :सभी चित्र गूगल इमेज से साभार