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मंगलवार, 21 सितंबर 2010

हमें आकाश नीला क्यूँ दिखाई पड़ता है ? Why is the sky blue?

हमें आकाश नीला क्यूँ दिखाई पड़ता है? 
पृथ्वी की सतह (जमीन) से ऊपर वायुमंडल है  वायुमंडल मे विभिन्न गैसे है धूलकण और जलवाष्प भी है और सूर्य का प्रकाश सात रंगों से मिल कर बना है  इन सात रंगों को बैनीपीनाला VIBGYOR लाल, नारंगी, पीला, हरा, आसमानी, नीला, तथा बैंगनी के नाम से याद रख सकते है  
वायुमंडल  ज्यादातर गैसों (78%) नाइट्रोजन, और ऑक्सीजन (21%) से मिल कर बना है.इसके अलावा  आर्गन गैस और भाप (बूंदों और बर्फ के क्रिस्टल) के रूप में पानी उपलब्ध है  इनके अलावा  अन्य गैसों की थोड़ी मात्रा,  धूल कण , काजल और राख, परागकण , महासागरों से  नमक की तरह कई छोटे ठोस कण भी वायुमंडल मे उपस्थित है 
जब सूर्य का प्रकाश वायुमंडल मे प्रवेश करता है तो वह इन सब से टकराता है और चारों और बिखर Scattering of Light जाता है  
      बिखरने वाले रंगों मे बैंगनी,आसमानी रंग,नीला सबसे ज्यादा Scatter बिखरते है और लाल रंग सब से कम बिखरता है ऐसा Rayleigh scattering  रेले स्केट्रिंग के कारण होता है यही तीनों रंग हमारी आँखों तक सब से ज्यादा पहुँचते है इन तीनो रंगों का मिश्रण नीले रंग के सदृश्य बनता है 


पृथ्वी के वायुमंडल से बाहर यानि अंतरिक्ष मे आकाश दिखता है नीले रंग के बजाय काला और घुप्प अँधेरा, यह इसलिए है क्योंकि वहाँ कोई वायुमंडल नहीं है है कोई बिखरा हुआ  प्रकाश नहीं है जो हमारी आँखों तक पहुंचे     
नोट :- सुझावों का स्वागत है 
सुझवों और लेख मे सुधारों को लेख मे शामिल कर लिया जाएगा